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बिहार:ये काम करने पर ही मिलेगी अगली किस्त 12 लाख से ज्यादा किसानों की बंद होगी पीएम सम्मान राशि!

 बिहार के 12 से ज्यादा किसानों को पीएम सम्मान निधि की अगली किस्त नहीं मिलेगी। इसकी वजह उनके खाते का आधार और एनपीसीआई से लिंक नहीं होना है। यदि वे ऐसा कर लेते हैं तो उन्हें योजना का फैयदा मिलेगा।

राज्य के 12 लाख से अधिक किसानों को पीएम सम्मान योजना की किस्त नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से यह व्यवस्था लागू कर दी कि जिन किसानों का खाता आधार और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से लिंक नहीं होगा, उन्हें अब राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। राज्य में ऐसे किसानों की संख्या 12 लाख 29 हजार 800 है। इसके अलावा 94 हजार 799 किसानों के आवेदन और आधार के नाम में अंतर है। इन दोनों तरह के किसान अगर भुगतान से पहले इसे दुरुस्त नहीं करते हैं तो उनका भुगतान बंद हो जाएगा। किसानों की यह संख्या ई-केवाइसी के कारण वंचितों से अलग है।

राज्य के किसानों को पीएम किसान सम्मान योजना का भुगतान इसी महीने होने वाला है। ऐसे में किसानों के खाते की गड़बड़ी जल्द दूर हो जाए, इसके लिए कृषि विभाग ने अपने स्तर से प्रयास तेज कर दिया है। योजना के नोडल अधिकारी और संयुक्त कृषि निदेशक डीपी त्रिपाठी ने बताया कि जिन किसानों का यह मामला है, उनकी सूची जिले के अधिकारियों को भेज दी गई है। साथ ही, उनसे कहा गया है कि कृषि समन्वयक और सलाहकारों को लगाकर किसानों की समस्या का निराकरण जल्द करा दें, ताकि किसानों का भुगतान रुके नहीं। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि बैंक में जाकर आवेदन दें और अपने खाते को आधार के साथ एनपीसीआई से लिंक करा लें। यह काम बैंक के अधिकारी करेंगे, लेकिन आवेदन उन्हें देना होगा।

भुगतान अब आधार आधारित

नये वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान अब आधार आधरित ही होगा। इसी के साथ किसानों को अपने खाते को एनपीसीआई से भी जोड़ना होगा। यह काम तो बैंक करेंगे लेकिन इसके लिए किसानों को बैंक की शाखा में खुद जाकर अनुरोध करना होगा। यह नई व्यवस्था एक अप्रैल से पूरे देश में लागू हो गई।

ऐसे कर सकेंगे दुरुस्त

जिन किसानों के आधार व आवेदन के नाम में अंतर है, वह खुद मोबाइल से इसे दुरुस्त कर सकते हैं। पीएम किसान पोर्टल पर जाने के बाद अगर कहता है कि आधार वेरिफायड नहीं है तो समझ जाएं कि नाम में अंतर है। नाम हर हाल में दोनों जगह अंग्रेजी में हो। स्पेलिंग में भी अंतर नहीं होना चाहिए। इसके लिए पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू करते ही कैप्चा आएगा, जिसे डाल नाम दुरुस्त कर सकते हैं।

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