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फ्री राशन वितरण में कोटेदारों का खेल, ऐसे दबा जा रहे कार्डधारकों का तेल, चना, नमक

 फ्री-राशन, तेल, चना, नमक के वितरण में कोटेदार कार्डधारकों का हक मार रहे हैं। राशन में सेंधमारी कर जेबे भर रहे हैं। गरीबों का राशन डकारने के लिए कोटेदार नई -नई तरकीबों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई चने के पैकेट से आधा चना निकाल रहा है। तो कोई फ्री तेल- चना के एवज में पांच किलो(एक यूनिट) राशन हड़प रहा है। तौलाई व खर्चे के नाम पर 20-20 रुपए लेकर तेल -चना दे रहे हैं। 

पैकेट से आधा चना निकाल कर बांट रहा कोटेदार

हसनगंज क्षेत्र का एक कोटेदार चना की पैकेट से आधा चना डकार रहा था। इसकी शिकायत हुई। जांच में पोल खुल गई। निरीक्षण में एक बोरे में भरे रखे 52 चने की पैकेट की तौल कराने पर वजन 52 किलो होने के बजाए 29.04 किलो निकला। यानी हर पैकेट से औसतन 400 ग्राम चना कम था। अधिकारियों की माने तो इससे साफ है कि कोटेदार नवीन सोनकर चने की पैकेट से छेड़छाड़ कर एक किलो के स्थान पर 500 व 600 ग्राम चना कार्डधारक को दे रहा था। यहां चार कट्टे चावल स्टाक से अधिक मिला। मतलब चावल भी नहीं बांटा गया। 

किसी को पांच तो किसी को दो किलो कम दिया राशन 
चौक की उपभोक्ता सहकारी समिति कोटेदार कार्डधारकों को राशन कम दे रहा था। पैकेट के स्थान पर चना भी खुला दिया। 32 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों की जांच हुई। इनमें से 19 कार्डधारकों को दो किलो राशन कम मिला था। जबकि 12 कार्डधारकों को दिसम्बर में एक यूनिट यानी पांच किलों राशन कम दिया गया। निलंबन के साथ ही इस कोटेदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

पैसा लेने व कम राशन की शिकायतें हुई आम 
फ्री तेल-चना के वितरण के बाद से कोटेदारों के खिलाफ शिकायतें तेज हुई हैं। जानकारों की माने तो राशन कम मिलने व तौलाई व खर्च के नाम पर पैसा लिए जाने की शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। अभी भी आधा दर्जन कोटेदारों के खिलाफ जांच चल रही है।  डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इधर शिकायतें मिलने के बाद कई कोटेदारों की जांच की गई है। तीन कोटेदारों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं चौक के उपभोक्ता सहकारी समिति कोटेदार पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। 

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